“हम ने देखा एक सपना, औरसपने में बनानी चाही हमारी एक कहानी,
दीवाना तो था मै उसका, मगरधुंड रहा था मेरी कोई दीवानी,
लेकिन… बहुत अफ़सोस हुआ, क्योंकीरात बीत गई और साथ ही बीत गई हमारी जवानी,लेकिन फिर भी न बन पाई हमारी कोई कहानी,
लेकिन जल्द ही मेरी खोई ख़ुशी वापस आ गई,क्योकी… सुबह जब आँखे खोली तो,सामने ही मैंने ‘पडोसन’ को पाई”